मंगलवार, 8 सितंबर 2020

किसी ने इकलौता बेटा खोया तो किसी की 6 संतानें अनाथ हुईं; कोई मौत से भी बदतर जिंदगी जी रहा https://ift.tt/33eBwKd

नशा नस्लें तबाह कर रहा है। राजस्थान में नशे के अड्‌डे बन चुके गंगानगर, हनुमानगढ़, झुंझुनूं और बीकानेर में भास्कर टीम की 28 दिनों की पड़ताल में कई रोंगटे खड़े कर देने वाली तस्वीरें सामने आईं। इन जिलों में शायद ही कोई गांव होगा, जहां नशे ने किसी की जान न ली हो। कहीं बेबस मांएं हैं, तो कहीं लाचार विधवाएं और अनाथ बच्चे। गौर से देखिए नशे के अंजाम की हकीकत। आनंद चौधरी की ग्राउंड रिपोर्ट...

केस-1; बेटा दर्द से चीखता है तो बेबस मां नशे की गोलियां देती है

विजय का 2 बार ऑपरेशन हो चुका है, 20 से भी ज्यादा टांके लग चुके हैं।

ये तस्वीर हनुमानगढ़ के 35 साल विजय की है। 5 साल से नशे का आदी है। पेट का 2 बार ऑपरेशन हो चुका है, 20 से भी ज्यादा टांके लग चुके हैं। वजन 85 से 40 रह गया, पर लत नहीं छूटी। गंगानगर के 35 साल के राजेश का वजन नशे के कारण 3 साल में 80 से 35 किलो रह गया। पेट का दो बार ऑपरेशन हो चुका है। नशा न मिलने पर जब रात में दर्द से कांपता है तो लाचार मां खुद उसे गोलियां देती है।

केस-2; 17 साल की उम्र में नशे की लत लगी, 20 में मौत हो गई

17 साल की उम्र में इकलौते बेटे विनोद को कॉलेज भेजा था, वहीं नशे की लत लग गई, फेफड़ों में संक्रमण हुआ और 4 लाख रुपए खर्च होने के बाद भी वो नहीं बचा।

हनुमानगढ़ जिले के विनोद महरिया की नशे की लत के कारण 20 साल की उम्र में मौत हो गई। 17 साल की उम्र में घरवालों ने अपने इकलौते बेटे विनोद को कॉलेज में पढ़ने भेजा था। वहीं से नशीली गोलियाें का आदी हो गया। परिजनों को दो साल पहले तब पता चला जब फेफड़ों में संक्रमण हुआ। 4 लाख रु. इलाज पर खर्च हो गए, पर विनोद नहीं बचा। पिता हर साल अनाज बेचकर कर्ज उतारते हैं। विनोद की मौत के छह माह बाद एक बेटी हुई।

केस-3; नशे ने पति की जान ली पत्नी मजदूरी कर बच्चे पाल रही

नशे की गोलियों के कारण 30 साल के प्रवीण 6 बच्चों को छोड़कर इस दुनिया से चले गए।

हनुमानगढ़ के मटोरियावाली ढाणी के प्रवीण यादव की पिछले साल 3 नवंबर को 30 साल की उम्र में नशीली गोलियां खाने से मौत हो गई। उसकी 6 संतानें हैं जिनकी जिम्मेदारी अकेली मां पर आ पड़ी है। परिजनों को 3 साल पहले तब पता चला जब उनका शरीर बिल्कुल कमजोर हो गया। बीकानेर ले जाकर इलाज भी कराया, लेकिन वह बचे नहीं। पत्नी मजदूरी करके अपने बच्चों का पेट पालती है।



आज की ताज़ा ख़बरें पढ़ने के लिए दैनिक भास्कर ऍप डाउनलोड करें
ये नशे का एक्स-रे है, नशे ने इस व्यक्ति की जिंदगी खराब कर दी। नशे के कारण इस व्यक्ति का पूरा शरीर खराब हो चुका है। (फोटो: अनिल शर्मा)


from Dainik Bhaskar /national/news/some-lost-their-only-son-and-some-6-children-were-orphaned-someone-is-living-a-life-worse-than-death-127700942.html

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

https://ift.tt/G3WklqT opposition leaders give Republic Day parade a miss

Top opposition figures, including Congress's Sonia Gandhi and Rahul Gandhi, Delhi CM Arvind Kejriwal, NCP patriarch Sharad Pawar and Le...